‘पुलिस’का मुसलमान ‘सिपाही’ जहीन ‘कारतूस’की करता था आपूर्ति, मेरठ ‘पुलिस’ने सदरुद्दीनके घरसे पकडा शस्त्रोंका भण्डार
२५ नवम्बर, २०२१
उत्तर प्रदेशके मेरठ जनपदके गांव रुहासामें ‘पुलिस’ने छापे मारकर शस्त्रोंका भण्डार प्राप्त किया है । ये अवैध शस्त्र, पूर्व उप-प्रधान सदरुद्दीनके घरसे प्राप्त हुए हैं । शस्त्रोंको शैय्याके नीचे छुपाकर रखा गया था । चोरी किए गए ‘कारतूस’ विक्रयमें, उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’का एक ‘सिपाही’ जहीन भी सम्मिलित पाया गया । ‘एसपी’ विनीत भटनागरके नेतृत्वमें यह छापा मारा गया, जिसमें एक ‘फैक्ट्री’की बनी हुई ‘राइफल’, १ देशी ‘तमंचा’, २ अन्य ‘तमंचे’, २३६ ‘कारतूस’ तथा १५६ ‘खोखे’ तथा ‘कारतूस’ बनाने हेतु ‘औजार’ भी प्राप्त प्राप्त हुए । ‘पुलिस’ने शवी अख्तर और रजी अख्तरको बन्दी बना लिया है । सदरुद्दीनके बेटे शवी और रजी गांवमें प्रायः शस्त्रोंकी प्रदर्शनीकर, अपना दबदबा बनानेके प्रयासमें रहते थे । शवी अख्तर पूर्वमें भी दोहरी हत्याओंके कारण कारावास काट चुका है । इस प्रकरणमें दो भगोडे सगे भाइयों, शमी और वशीको ‘पुलिस’ ढूंढ रही है । इनमेंसे तीन आरोपियोंकी पत्नियां शबनम, रुबीना और शादाब भी भाग चुकी हैं और भागे हुए ‘पुलिस’कर्मी जहीनके साथ मिनाज और शमीम भी लुप्त हैं । ‘एसपी’ भटनागरके अनुसार, इन सभीको ‘पुलिस’द्वारा ढूंढा जा रहा है ।
‘पुलिस’के सुरक्षा विभागोंमें कार्य करके, जिहादी वहांके शस्त्रोंको चोरीसे बाहर विक्रय करते हैं और भेद खुलनेपर भाग जाते हैं । शासनद्वारा जिहादियोंको ऐसी सेवाओंमें लेना ही बडी चूक है, जिन्हें देशसे कम और जिहादसे अधिक प्रेम है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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