देशद्रोहका आरोप, ‘फेसबुक’पर ‘पाकिस्तानी’ ध्वज ‘पोस्ट’कर लिखा, “आई लव यू”, मोहम्मद नियाजको उच्च न्यायालयने दी प्रतिभूति


९ मार्च, २०२२
      इलाहाबाद उच्च न्यायालयने देशद्रोहके आरोपित मोहम्मद नियाजको कुछ समय पूर्व प्रतिभूति दी है । वह २७ अक्टूबर २०२१ से कारागृहमें था । उसपर ‘फेसबुक’पर पाकिस्तानका ध्वज ‘पोस्ट’ करनेका आरोप है; परन्तु न्यायालयने कहा कि तथ्यों और परिस्थितियोंको देखते हुए आवेदक प्रतिभूति पानेके योग्य है । यह आदेश न्यायमूर्ति ओम प्रकाश त्रिपाठीकी एकल पीठने दिया ।
     जानकारीके अनुसार, नियाजपर बदायूं जनपदके फैजगंज बेहता ‘थाने’में देशद्रोहके अन्तर्गत प्रतिवेदन प्रविष्ट कराई गई थी । पुनीत कुमार नामक व्यक्तिकी परिवादपर नियाजके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की गई थी । इसमें आरोप लगाया गया था कि नियाजने अपनी ‘फेसबुक’ ‘आईडी’से ‘पाकिस्तानी’ ध्वजका एक चित्र ‘पोस्ट’ किया था । साथ ही लिखा था, “आई लव यू पाकिस्तान, आई मिस यू पाकिस्तान ।” आरोप है कि ऐसाकर उसने देशमें उपद्रव करनेका प्रयास किया । नियाजपर भारतीय दण्ड संहिताकी (IPC की) धारा १२४ ‘ए’के (देशद्रोहके) अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया था ।
         नियाज जैसे लोगोंको जब पाकिस्तानसे इतना प्रेम है तो वह भारतमें क्या कर रहे है ? अन्न देशका खाते है और प्रेम शत्रु राष्ट्रसे करते है । ऐसे लोगोंको प्रतिभूति नहीं; अपितु देश निकाला दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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