तेजोमहालय (ताजमहल) क्षेत्रमें धर्मान्ध युवकने लगाया ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’का उद्घोष, सुरक्षाकर्मियोंने घेरकर पीटा
२ मार्च, २०२२
उत्तर प्रदेशके आगरामें स्थित तेजोमहालय परिसरमें ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ सहित अन्य भारत विरोधी उद्घोष लगानेका प्रकरण सामने आया है । बताया जा रहा है कि उद्घोष करनेवालों में कुछ अराजक तत्त्व सम्मिलित थे, जिन्हें पकडकर लोगोंने उनकी धुनाई कर दी । मंगलवार, १ मार्च २०२२ को शाहजहांके ‘उर्स दरगाह’पर होनेवाली ‘सूफियों’की मृत्युकी बरसीका अवसर था और इस अवसरपर लोगोंको ताजमहलमें निःशुल्क प्रवेशकी सुविधा दी गई थी । ‘उर्स’के अन्तिम दिन तीसरे प्रहरमें ये घटना हुई ।
सुरक्षाकर्मियोंने भी भारत विरोधी उद्धोष लगानेवालों को त्वरित पकडा और उनकी पिटाई की । तेजोमहालयमें इस दिन कई पर्यटक पहुंचे और उधर जानेवाले मार्ग लोगोंसे भरे पडे थे । ‘भीड’के कारण स्मारकके परिसरमें पग रखनेका भी स्थान नहीं बचा था । इतनी ‘भीड’में सुरक्षाकर्मियोंके लिए ‘हैकिंग’ भी सम्भव नहीं थी । सुरक्षाकर्मियोंने इस कार्यमें सहायताके लिए स्वयंसेवी भी लगाए थे; किन्तु ‘भीड’के समक्ष सब असहाय द्रष्टिगत हुए । इसी मध्य दो युवक देश विरोधी उद्घोष करने लगे ।
‘सेन्ट्रल टैंक’के निकट एक युवकने ‘भारत मुर्दाबाद’का उद्घोष लगा दिया । वह फिरोजपुरका रहनेवाला है । ‘सीआईएसएफ’के सैनिक वहींपर ही उपस्थित थे और उन्होंने उसे पकडकर उसकी पिटाई की । कुछ ही दूसरीपर एक अन्य युवकने ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’का उद्घोष लगा दिया । सैनिकोंने उसे भी जमकर धुना । वास्तविकतामें स्थिति यह थी कि ‘सीआईएसएफ’वाले इनकी पिटाई नहीं करते तो वहां उपस्थित लोग ही उसकी जमकर पिटाई करते और कुछ भी हो सकता था । दोनों को अभिरक्षामें ले लिया गया है । बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति भगोडा भी है ।
अवसर कोई भी हो, स्थान और क्षेत्र कहीं भी हो; किन्तु जिहादी अपना देशद्रोही चरित्र दिखा ही देते हैं । ऐसे देशद्रोहीयोंका सही स्थान सश्रम कारावास ही होना चाहिए ।
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