अक्तूबर ३, २०१८
उत्तरप्रदेशके आजमगढके पवई थाना क्षेत्रके गोधना गांवमें बुधवारको स्थिति उस समय विकट हो गई, जब देवी-देवताओंके अपमानका एक वीडियो सामने आया । इसके पश्चात गांवमें जुटे सैंकडों लोगोंने नारेबाजी की व प्रदर्शन किया । सूचना पाते ही एसओ वहां पहुंचे और कार्यवाहीका आश्वासन देकर लोगोंको शान्त कराया । बुधवारको आरोपियोंके विरुद्घ प्राथमिकी (रिपोर्ट) प्रविष्ट (दर्ज) कराई गई । सभी आरोपी घरसे भागे हुए हैं ।
गोधना गांवका जसराज राम बाहर चाकरी (नौकरी) करता है । घरपर उसकी पत्नी रेखा, बच्चे और पिता रहते हैं । उसके घरके बरामदेमें भित्तिपर (दीवारोंपर) देवी देवताओंके चित्र लगे थे । ३० सितम्बरकी दोपहर १२ बजे रेखा कहीं बाहर गई थी । चित्र मध्य गांवके ही कुछ लोग उसके घर पहुंचे और फोटो फाडने लगे ! जानकारी होनेपर रेखाने विरोध किया तो उसे मारनेकी चेतावनी दी तथा फाडे गए चित्रोंमें आग लगा दी ।
यही नहीं विधर्मियोंने पूरे घटनाक्रमका वीडियो बना लिया और मंगलवारको इसे फैला दिया । इसे लेकर ग्रामीण इकठ्ठा हो गए और हंगामा करने लगे । तनावकी जानकारीपर एसओ वहां पहुंचे और लोगोंको शान्त कराया ।
एसओ मनोज सिंहने बताया कि सूर्यमणि उर्फ मुन्नाकी परिवादपर गोधना निवासी मोहित राम, सिरतू राम, कुलदीप, रुदल, विशाल, परविन्द, शनि, राजनाथ और नरेन्द्र रामके विरुद्घ अभियोग (मुकदमा) प्रविष्ट किया गया हैं । इनपर धार्मिक भावना भडकाने, प्राणघातक चेतावनी देने और ‘आईटी एक्ट’के अन्तर्गत अभियोग प्रविस्ट किया गया है । एसपी ग्रामीणका कहना है कि यह कृत्य बहकावेमें किया गया प्रतीत हो रहा है । अभियोग प्रविष्ट कर लिया गया है । जांचकी जा रही । दोषियोंके विरुद्ध कडी कार्यवाही की जाएगी ।
“मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक, धार्मिक रूपसे नष्ट हो चूकी इस युवा पीढीको देख दुःख होता है और अब ये लोग राष्ट्रपर मात्र एक बोझ प्रतीत होते हैं और नवनिर्माण हेतु सभी प्रकारका बोझ व कचरा हटाना अत्यावश्यक है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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