अमृतसरके लक्ष्मी नारायण मन्दिरमें प्रतिमाएं भंग कीं, आभूषण लूटे, पुजारीको किया बन्द, पंजाब ‘पुलिस’ बता रही चोरीकी घटना ‘बेअदबी’ नहीं


२४ दिसम्बर, २०२१
              अमृतसर अजनालाके लक्ष्मी नारायण मन्दिरमें बुधवार, २२ दिसम्बर २०२१ की रात्रिको कुछ लोगोंने आकर लोहेकी सांखल तोडी, दो ‘ताले’ तोडे; तत्पश्चात पवित्र स्थलका कांच तोडकर वे भीतर आए । पुजारीके कक्षको बाहरसे बन्दकर मन्दिरकी २ मूर्तियां भंग की, स्वर्ण आभूषण व शृंगार सामग्रीको लूट लिया ।
           प्रातः निद्रासे उठनेपर पुजारीको निकटवर्ती निवासियोंने द्वार खोलकर बाहर निकाला, तब उन्हें लूटके विषयमें ज्ञात हुआ ।
         अजनाला गोशाला संचालक व हिन्दू नेता अश्वनी कुमारने इसे गम्भीर अपराध बताते हुए प्रशासनको, आरोपियोंको पकडने हेतु दो दिनका समय दिया है । उनका कहना है कि शीघ्र आरोपी नहीं पकडे गए, तो वे अजनालाको बन्द कर देंगे व आत्मदाह करेंगे ।
           ‘पुलिस’ इसे चोरीकी घटना बता रही है । इस घटनापर धारा-३४, २९५, ३४२, ३८० व ४५७ में आरोप-पत्र प्रविष्ट किया गया है । ‘सीसीटीवी’के दृश्यपट भी देखे गए हैं । ‘पुलिस’का मत है कि वे शीघ्र आरोपियोंको बन्दी बना लेंगे ।
        किसी और धार्मिक स्थलकी घटना होती तो अभीतक नेतागण कोलाहल करते दृष्टिगत होते । हिन्दू मन्दिरमें प्रतिमाएं भंग होनेपर सभी मौन हैं । हिन्दुओंको ही जाग्रत होकर अपने मन्दिरोंकी रक्षा हेतु अग्रसर होना होगा । भारतमें ही हमारे मन्दिर सुरक्षित नहीं, इससे अधिक लज्जास्पद क्या होगा ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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