राहुल गांधीने कहा, मैं ‘हिन्दूवादी नेता’ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रवादी’ नेता हूं !


अक्तूबर ३०, २०१८

मंगलवार, ३० अक्तूबरको राहुल गांधीने अपने विरुद्घ भाजपाके ‘फैंसी ड्रेस हिन्दूवाद’के आरोपपर उत्तर करते हुए स्वयंको ‘राष्ट्रवादी नेता’ बताया और मंगलवारको कहा कि उन्हें देवालय जानेके लिए भाजपाके प्रमाणपत्रकी आवश्यकता नहीं है । यद्यपि, उन्होंने बल देकर यह भी कहा कि वह ‘हिन्दूवादी नेता’ नहीं, बल्कि प्रत्येक धर्म और प्रत्येक वर्गके नेता हैं । राहुलने यहां सम्पादकों और पत्रकारोंसे अनौपचारिक वार्तामें कहा, ‘‘जब प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह किसी देवालयमें दर्शनके समय सम्बन्धित देवस्थानकी परम्पराके अनुसार वस्त्र पहनते हैं, तो भाजपा इसपर मौन रहती है; लेकिन जब मैं, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी देवालयमें वहांकी परम्पराके अनुसार वस्त्र पहनते हैं, तो हमारे लिये कहा जाता है कि हम ‘फैंसी ड्रेस हिंदूवाद’का प्रदर्शन कर रहे हैं !” उल्लेखनीय है कि राहुलने मध्यप्रदेशमें २८ नवम्बरको होने वाले विधानसभा चुनावके अन्तर्गत मालवा-निमाड अंचलमें कांग्रेसके दो दिवसीय प्रचार अभियानका आरम्भ  सोमवार, २९ अक्तूबरको उज्जैनमें महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंगके दर्शन-पूजनके साथ की थी । चुनावी समयमें राहुलके भिन्न-भिन्न देवालयोंमें पारम्परिक वेश-भूषामें दिखाई देनेपर भाजपाने आरोप लगाया था कि कांग्रेस अध्यक्ष हिन्दुओंकी आंखोंमें धूल झोंकनेके लिए “फैंसी ड्रेस हिंदूवाद”का प्रदर्शन कर रहे हैं । राहुलने प्रश्न किया, ‘‘क्या देशके देवालय भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघकी सम्पत्ति हैं ? क्या वहां जानेका अधिकार केवल मोदी और शाहके पास है ?” उन्होंने कहा, ‘‘मेरा किसी भी देवालयमें भगवानके दर्शनका मन करेगा, तो मैं वहां अवश्य जाऊंगा । मुझे देवालय जानेके लिए भाजपासे प्रमाणपत्र लेनेकी आवश्यकता नहीं है ! मैं हिन्दू धर्मको भाजपाकी तुलनामें अच्छेसे समझता हूं !’’ उन्होंने एक प्रश्नपर कहा कि चूंकि वह प्रत्येक धर्मके विश्वासोंका सम्मान करते हैं, इसलिए वह मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च और अन्य आराधना स्थलोंमें भी जाते हैं । राहुलने कहा, ‘‘मैं हिन्दूवादी नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी नेता हूं । मैं प्रत्येक धर्म, जाति, भाषा और वर्गका नेता हूं ।’’ कांग्रेस अध्यक्षने ‘हिन्दूवाद’ और ‘हिन्दुत्व’को एकदम भिन्न-भिन्न अवधारणाएं बताते हुए कहा, ‘‘हिन्दूवाद दूसरोंके प्रति प्रेम व सम्मान प्रदर्शित करने वाली, खुली सोच वाली और प्रगतिशील अवधारणा है, जबकि भाजपाकी हिन्दुत्वकी परिकल्पनाकी नींवमें ही घृणा, असुरक्षा और क्रोध है ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपाका हिन्दुत्वपर ठेका है; लेकिन हिन्दूवादपर किसीका ठेका नहीं हो सकता, क्योंकि यह महान अवधारणा है और इसपर किसी एक समूहका अधिकार नहीं हो सकता ।’’

“राहुल गांधीजीको बताना चाहेंगें कि इस महान देश ‘हिन्दुस्तान’के ‘राष्ट्रवाद’की राह ‘हिन्दुत्व व हिन्दुत्वनिष्ठों’से होकर ही जाती है; क्योंकि जिस प्रेम और समर्पणकी आप बात कर रहे हैं, वह कोई तथाकथित पन्थ नहीं सिखाता, केवल हिन्दू धर्म ही सिखाता है । हमने खुली बांहसे शत्रुओंको भी अपनाया जिनका तुष्टिकरण करते-करते आज इस राष्ट्र इतनी दुर्दशा हो चली है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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