जांचमें गडबडी मिलनेपर ध्वस्त किया जाएगा राम प्रवेश द्वार !


जून १०, २०१८

रामनगरीकी भव्यता प्रदर्शित करनेके लिए बनाया जा रहा राम प्रवेशद्वार अब ध्वस्त होगा ! इसपर अब तक लगभग ५० लाख रुपये व्यय हो चुके हैं और अधूरा कार्य पूरा करनेके लिए १० लाख रुपयेकी मांग की गई थी ! ‘डीएम’ व ‘एसएसपी’के विवरणके बाद की गई तकनीकी जांचमें निर्माण कार्यमें बहुत दोष सामने आए हैं !

जांच विवरणमें कहा गया है कि प्रवेशद्वारका निर्माण १० मीटर बढाकर और चौडा किया जाना था; परन्तु इसे संकरा करके भीड बढनेपर सुरक्षा के लिए हानिकारक बना दिया गया है । अब जिला प्रशासन प्रकरणमें उत्तरदायित्व तय करनेके लिए लिखापढीकी तैयारीमें है । सावन मेलासे पहले प्रवेशद्वारको तोडनेकी कार्रवाई की जा सकती है ।


अखिलेश सरकारमें सरयू घाटपर स्नानके बाद अयोध्यामें प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओंको रामनगरीकी भव्यतासे परिचय करानेके लिए नया घाट बन्धा तिराहेपर वर्ष २०१६ में राम प्रवेशद्वारकी नींव रखी गई थी । ये कार्य भारत सरकारके सहयोगसे पर्यटन विभागके उत्तरदायित्वपर था; परन्तु इसका शिलान्यास करने वाले तत्कालीन राज्यमन्त्री तेज नारायण पाण्डेय पवनने निकृष्ट स्तरका निर्माणका आक्षेप लगाते हुए काम रुकवा दिया था । निर्माण कार्यमें सीमेंट -बालू अनुपात व ईंट -सरियाका सतर दिखानेके लिए उन्होंने दीवारेंतक गिरवा दी थीं ! बादमें शासनने मानकोंकी जांच कराई; परन्तु रामनवमी मेला, सावन मेला, कार्तिक पूर्णिमा मेला सहित धार्मिक तिथियोंपर श्रद्धालुओंकी भीड बढनेपर द्वारका संकरा होना दुर्घटनाका कारण बन सकता है !

पर्यटन विभागके प्रमुख सचिवके पिछले वर्ष भ्रमणके अन्तरालमें तत्कालीन डीएम सन्तोष कुमार राय व ‘एसएसपी’ सुभाष सिंह बघेलने राम प्रवेशद्वारका प्रकरण उठाया था । शासनके निर्देशपर दोनों अधिकारियोंने सुरक्षा कारणोंसे इसे हटानेका विवरण भेजा, जिसपर तकनीकी दलको भेजकर जांच कराई गई ।
सूत्रोंके अनुसार तकनीकी जांच विवरणमें कहा गया है कि प्रवेशद्वार १० मीटर आगे बढाकर बनाना चाहिए था, इससे इसकी चौडाई कई गुणा बढ जाती । इसे मानकके अनुसार नहीं बनाया गया है । इस विवरणपर अब शासन गम्भीर है । यहां हर दिन दुर्घटना होती रहती हैं और गेट संकरा होनेके कारण श्रद्धालु सामान्यतः जाम से जूझते हैं । प्रधान अधिकारी व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंहने बताया कि राम प्रवेशद्वारका निर्माण कार्य बन्द है । इस बारेमें उनके पास कोई सूचना नहीं है ।

नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ताका कहना है कि यह प्रवेशद्वार अयोध्याकी दृष्टिसे बिल्कुल भी उचित नहीं है । प्रवेशद्वारके निर्माणमें शासकीय धनका दुरुपयोग किया गया है ! ये द्वार रामनगरीमें प्रवेश पाने वाले श्रद्धालुओंकी भीडके सामने काफी संकरा है । मेलोंके समय यह समस्या खुलकर सामने आती है । अभी इस प्रवेशद्वारके ध्वस्तीकरणका निर्णय लिया गया है । नगर विधायकने कहा कि राम प्रवेशद्वार किसी अन्य स्थानपर भव्य रूपमें बनाया जाएगा ! इसके लिए स्थान देखा जा रहा है ।

प्रकरणपर फैजाबादके ‘डीएम’ डॉ. अनिल कुमार पाठकका कहना है कि नया घाट तिराहेपर अधूरे पडे राम प्रवेशद्वारका प्रकरण संज्ञान में है । इसके ध्वस्तीकरणसे पहले व्यय हुए धनका उत्तरदायित्व तय करना आवश्यक है, अन्यथा जांच विवरणमें इसका उत्तर कैसे दिया जाएगा ? पूर्ववर्ती ‘डीएम-एसएसपी’का विवरण व शासनसे आए तकनीकी दलके विवरणका संज्ञान लेकर कार्रवाईकी जा रही है । इसके बाद शासनका आदेश मिलते ही उसका पालन कराया जाएगा !

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution