मार्च ३१, २०१९
रांचीके लालपुर थाना क्षेत्रके नगरा टोलीमें शनिवार, ३० मार्च रात नगरके मध्य सरना धर्मसे ईसाई धर्ममें परिवर्तन करानेका प्रकरण सामने आया है । यह सब ‘वार्ड क्रमांक -१९’की पार्षद रोशनी खलखोके घरके बगलमें चल रहा था । पार्षदने जैसे ही अपने घरके बाहर दूसरे धर्मके प्रार्थना की आवाज सुनीं तो मुहल्लेकी महिलाओंके साथ वहां पहुंचीं । वहां दो महिलाएं प्रार्थना करवा रही थीं । सभी झूम रही थीं ।
इस प्रकरणमें पार्षद व उनके सहयोगियोंने धर्मांतरण करवानेके आरोपमें करीना कुजूर व सुकरो मुंडाको पकडा । इन लोगोंको लालपुर पुलिसको सौंपा गया है । सुकरो मुंडा इटकी व करीना कुजूर नगडीकी रहनेवाली है । दोनोंके पाससे धार्मिक पुस्तक मिली है । पार्षद रोशनी खलखोने बताया कि वे अपने आसपासकी महिलाओंके साथ घरके बाहर खडी होकर बातचीत कर रही थी ।
इसी मध्य प्रार्थना सभाकी आवाज सुनकर चौक गईं । वह अपने बगलमें रहनेवाले परिवारके घर पहुंच गईं, जहां उन्होंने धर्मान्तरणका दृश्य देखा । धर्मान्तरित किमी मुंडा व उसकी गोतनी सुमित्रा प्रार्थनामें झूम रही थीं । रोशनीने जब धर्मांतरणकी जानकारी लेनेका प्रयास किया तो दोनों आरोपित महिलाएं मेहमानके घर आनेकी बात कही । उनके पाससे धार्मिक पुस्तक मिली ।
रोशनीने बताया कि उन्होंने सबसे पहले केन्द्रीय सरना समितिके कार्यकारी अध्यक्ष बबलू मुंडाको इसकी सूचना दी । सूचनापर लालपुर पुलिस भी पहुंची और धर्मांतरण करानेवाली दोनों महिलाएं और धर्मांतरण करवा रहीं दोनों महिलाओंको लेकर थाने आई । थानेमें ‘आरएसएस’के भैरव सिंह व अन्य धर्मोंके प्रतिनिधि भी पहुंचे थे । वे धर्मांतरण करवानेवालोंके विरुद्ध कार्यवाहीकी मांग कर रहे थे ।
धर्मांतरण करवा रही किमी मुंडाने बताया कि जिस सुकरो मुंडाको बन्दी बनाया गया है, वह उसकी अपनी मौसी है । सुकरो पहले सरना धर्मसे थी, बादमें उसने इसाई धर्म अपना लिया है । दूसरी महिला करीना कुजूर कौन है ?, यह किमीको नहीं ज्ञात । लालपुर थानेमें किमी धर्मांतरणकी बातपर पलट गई । उसने कहा कि उसकी मौसी सुकरो मुंडा व करीना कुजूर अपनी पूजा कर रही थी । उसका धर्मांतरणसे कोई लेना-देना नहीं है ।
लालपुरके नगरा टोली निवासी सुजीत उरांवने लालपुर थानेमें लिखित परिवाद प्रविष्ट की है । विरोध करनेवालोंमें रोशनी खलखोके साथ सीता खलखो, सुमन लिंडा, लक्ष्मी मुंडा, नीलू कच्छप, नंदिया खलखो आदि थी । सुजीतने कहा कि धर्मांतरण करवानेवालोंपर कार्यवाही हो, ताकि भविष्यमें ऐसी घटना पुनः न होने पाए ।
भाजपाके राज्यसभा सदस्य समीर उरांवने रांचीमें धर्म परिवर्तनके प्रयासके लिए कांग्रेस और जेएमएमको उत्तरदायी बताया है । समीरने कहा कि वोटके लिए अनुसूचित जनजातियोंको आर्थिक प्रलोभन दिया जा रहा है । धर्मांतरणके प्रकरणमें उन्होंने शासनसे कार्यवाहीकी मांग की है ।
“मिशनरीकी जडे भारतके मूलतक फैल चुकी हैं और यह सब शासनकी नीतियोंके कारण ही है ! यदि शासन धर्मान्तरणके लिए दण्ड देता तो ये ऐसा दुस्साहस करते ही नहीं । आजतक मिशनरी अवैध धन और अवैध एनजीओको आनेवाले धनको लेकर आश्रय पाती रही ! मोदी शासनने इस अवैध धनपर काफी सीमातक प्रतिबन्ध लगाया है; परन्तु इनकी फैली हुई जडोंको रोकनेके लिए इतना भर पर्याप्त नहीं है । हिन्दुत्वनिष्ठों अब इस प्रकरणपर आगे आए व जनचेतना लाए, तभी यह कुकर्म रोका जा सकता है; अन्यथा हिन्दुओंका नाम केवल इतिहासतक ही रहेगा !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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