बच्चोंको बलात पढाई जा रही थी बाइबिल, अनाथ युवतियोंका धर्मान्तरण, बलात करवाते थे प्रार्थना, बालगृहके विरुद्ध प्राथमिकी


१५ दिसम्बर, २०२१
      मध्य प्रदेशके जबलपुरमें स्थित करुणा नवजीवन बाल सुधारगृहसे अनाथ युवतियोंके धर्मान्तरणका प्रकरण सामने आया है । ‘पुलिस’ने प्रकरण प्रकाशमें आनेके उपरान्त बालगृहके विरुद्ध मंगलवार, १४ दिसंबर २०२१ को प्राथमिकी प्रविष्ट कर ली है । समाचार संस्थानोंके प्रतिवेदनके अनुसार, बच्चोंको करुणा नवजीवन बालगृहमें बलात बाइबिल पढाई जा रही थी और ईसाई पन्थकी प्रार्थना कराई जा रही थीं ।
      बताया जा रहा है कि गुप्त परिवाद मिलनेके पश्चात राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगके दलने १८ नवम्बरको यहांका निरीक्षण किया । आयोगने इस संस्थानमें निरीक्षणके मध्य अनेक अनियमितताएं पाई थीं, जिसके उपरान्त बरेला ‘थाना’ ‘पुलिस’ने करुणा नवजीवन बालगृहपर किशोर न्याय अधिनियम समेत मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियमके अन्तर्गत प्राथमिकी प्रविष्ट की है । मध्य प्रदेशमें ये ऐसा प्रथम प्रकरण है, जब किसी बालगृहपर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतन्त्रता अधिनियमके अन्तर्गत प्राथमिकी प्रविष्ट की गई है ।
     सूचनाके अनुसार, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगके दलने अपने औचक निरीक्षणके उपरान्त ९ पृष्ठोंका एक प्रतिवेदन दिया था । इस मध्य ७-११ वर्ष और १२-१८ वर्षकी युवतियोंको यहां रखा जाना भी पाया गया था । वहीं, तमाम ‘गडबडियों’के अतिरिक्त सबसे बडा प्रकरण धर्मान्तरणसे जुडा हुआ पाया गया था । बालगृहमें रहनेवाले छात्रोंको बाइबिल पढाए जानेका उल्लेख प्रतिवेदनमें किया गया था । बच्चोंको यहां ईसाई प्रार्थना भी करवाई जाती है । इससे दलको आशङ्का हुई कि यहां बडे स्तरपर धर्मान्तरणका खेल खेला जा रहा है ।
        मध्य प्रदेशमें धर्मान्तरणके प्रकरण रुकनेके नाम नहीं ले रहे हैं । मध्य प्रदेश धर्मान्तरणका नूतन केन्द्र बनता जा रहा है । धर्मान्तरणके लिए कभी जिहादी पकडे जाते हैं तो कभी ईसाई, मध्य प्रदेशमें बनाया गया नूतन विधान भी निष्प्रभावी ही जान पडता है । अवश्यकता है कि प्रशासन प्रभावी कार्यवाही कर इन प्रकरणोंको रोके; जिससे धर्मान्तरणमें लिप्त लोगोंमें भयका वातावरण बने । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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