कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजादने ‘क्रिसमस’ समारोहमें दिया वक्तव्य कहा, “लोग स्वेच्छासे धर्मान्तरण कर रहे, न कि ‘तलवार’ की ‘नोक’पर”


२६ दिसम्बर, २०२१
 
     कांग्रेसके वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजादने धर्म परिवर्तनपर ​बडा वक्तव्य दिया है । जम्मू-कश्मीरके उधमपुर जनपदमें शनिवारको (२५ दिसम्बर २०२१ को) ‘क्रिसमस’ समारोहमें सम्मिलित हुए आजादने कहा, “लोग स्वेच्छासे धर्मान्तरण कर रहे हैं, न कि ‘तलवार’ की ‘नोक’पर । किसी व्यक्तिका अच्छा चरित्र, उसके अच्छे कार्यसे ही लोग प्रेरित होकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं । लोग किसीसे प्रभावित होकर या प्रेरित होकर ही धर्म परिवर्तन कराते हैं । लोगोंको लगता है कि कोई विशेष धर्म मानवताकी सेवा कर रहा है, प्रत्येक व्यक्तिको साथ लेकर चल रहा है, लोगोंके मध्य पक्षपात नहीं कर रहा है तो वह धर्म परिवर्तन कराते हैं ।”
     ‘कांग्रेसी’ गुलाम नबी आजादने धर्मान्तरणकी बातके पश्चात महाराजा और तत्पश्चात राजनीतिपर आते समय नहीं लगाया । उन्होंने कहा कि गत ढाई वर्षमें जम्मू-कश्मीरमें व्यापार और विकासमें अवनति (गिरावट) हुई है । निर्धनतामें वृद्धि हो रही है । ‘दरबार मूव’ प्रथाके समाप्त होनेका विरोध करते हुए ‘भाजपा’के विरुद्ध वक्तव्य दिए ।
      ‘दरबार मूव’ अर्थात ऋतु परिवर्तनके साथ प्रत्येक ६ माहमें जम्मू-कश्मीरकी राजधानी भी परिवर्तितकी जाती थी । ६ माह राजधानी श्रीनगरमें रहती थी और ६ माह जम्मूमें । राजधानी परिवर्तनपर आवश्यक कार्यालय, सिविल सचिवालय आदिका समूचा प्रबन्ध जम्मूसे श्रीनगर और श्रीनगरसे जम्मू ले जाया जाता था । इस प्रक्रियाको ‘दरबार मूव’के नामसे जाना जाता है ।
     जम्मू-कश्मीर प्रशासनने इस वर्ष जूनमें राज्यमें १४९ वर्ष पौराणिक ‘दरबार मूव प्रथा’को समाप्त कर दिया था । प्रत्येक ६ माहमें राज्यकी दोनों राजधानियों जम्मू और श्रीनगरके मध्य होनेवाले ‘दरबार मूव’से प्रत्येक वर्ष २०० कोटि (करोड) रुपयोंका अपव्यय होता था ।
        गुलाम नबी आजादका वक्तव्य पूर्णतः असत्य है कि लोग स्वेच्छासे धर्मान्तरण करवा रहे हैं; किन्तु ऐसा वक्तव्य देकर उन्होंने सिद्ध कर दिया है कि देशमें धर्मान्तरण हो रहा है और इससे सावधान रहनेकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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