धर्मान्धोंका दुस्साहस, बुलंदशहरमें तीसरे दिवस भी गोकशी, जहांगीराबादमें मिले अवशेष !!


दिसम्बर ५, २०१८

पुलिसकी लापरवाहीसे बुलंदशहरमें निरन्तर तीसरे दिवस गोकशीकी घटना हुई ! धर्मान्धोंने एक खेतमें गोवंशीय पशुको काट दिया ! कुछ लोगोंके वहांपर पहुंचनेपर आरोपी भाग गए ! गोकशीकी सूचनासे लोगोंमें रोष व्याप्त हो गया । बादमें पुलिसने चार आरोपियोंके विरुद्घ प्राथमिकी प्रविष्ट कर उनको बन्दी बना लिया । पुलिसने जांच आरम्भ कर दी है ।


स्यानामें निरन्तर दो दिवस गोकशीकी घटनाके पश्चात बुधवार, ५ दिसम्बरको जहांगीराबादमें गोकशीका तीसरा प्रकरण उजागर हुआ । यहां अमरगढ रोडपर एक ईट भट्ठेके पास कुछ लोगोंने एक गोवंशीय पशुको काट दिया । ग्रामीणोंने चार आरोपियोंको पकड लिया । सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया । पुलिसने चारों आरोपियोंको पकड लिया है ।

बादमें जहांगीराबाद कोतवालीमें गांव टिटौटा निवासी अरुण राघवने गोकशीके प्रकरणमें परिवाद दी । इसमें उन्होंने बताया कि प्रतिदिनकी भांति अपने साथियोंके साथ टहलने गए थे । जहांगीराबादसे अमरगढ रोडपर एक ईट भट्ठेके पास रिक्त स्थानमें कुछ लोग एक गोवंशीय पशु काट रहे थे । इसपर चार आरोपी आसिफ कुरैशी पुत्र ननुआ निवासी गांव जलीलपुर थाना जहांगीराबाद, राकिब मलिक पुत्र यासीन निवासी गांव मानकमऊ थाना कुतुबशेर सहारनपुर, वसीम पठान पुत्र नवाब खां निवासी मोहल्ला चमरियान थाना नवाबाद झांसी तथा अमान खां पुत्र अली मोहम्मद गांव रिवाडा जहांगीराबादको पकड लिया गया ।

आरोपियोंके पाससे छुरी, पशुके अवशेष एवं अन्य सामान मिला ! एसएसपी केबी सिंहने बताया कि प्रकरणमें प्राथमिकी प्रविष्ट कर चारों आरोपियोंको बन्दी बना लिया गया है । आरोपियोंके विरुद्ध कडी कार्यवाही की जाएगी ।

इससे पूर्व कोतवाली क्षेत्रके महाव गांवके वनमें रविवारकी रात अज्ञात लोगोंने २५-३० गोवंश काट डाले थे । गोवंश काटनेकी सूचना मिलनेपर कई हिन्दू संगठनों सहित अन्य लोगोंमें आक्रोश फैल गया और उसके पश्चात वहां दंगा भडक गया ।

 

“धर्मान्धोंके इस दुष्कृत्यके कारण देशमें समय-समयपर दंगे भडकते रहे हैं, जिसमें अनेक लोग मृत्युको प्राप्त हो छाते हैं तो हमारी इस धर्मनिरपेक्षता एवं भाईचारेका कोई अर्थ है क्या ? इसपर सभी हिन्दू अवश्य विचार करें ! प्रशासन भी इसे रोकनेमें पूर्णतया असफल रहा है, ऐसेमें हिन्दुवादियोंके मनमें भी शंका उत्पन्न होती है और क्या उन्हीं गोभक्षकोंको मन्दिरोंमें नमाज पढवाकर देवालयकी सात्विकता भंग करने वाले हिन्दू भी इसके दोषी नहीं ? ये सभी बातें चिन्तन योग्य है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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