‘रॉकेट्री’ चलचित्रमें नम्बी नारायणका राष्ट्रवाद देख हिन्दूद्रोही अनुपमा चोपडाको आपत्ति, समीक्षामें पूजा-पाठपर उठाए प्रश्न
०२ जुलाई, २०२२
‘इसरो’ वैज्ञानिक नम्बी नारायणके जीवनको दिखानेवाली आर माधवनकी चलचित्र ‘रॉकेट्री’की सर्वत्र प्रशंसाकी जा रही है; किन्तु इन सबके मध्य चलचित्र जगतकी आलोचक (फिल्म क्रिटिक) अनुपमा चोपडाने पुनः आलोचनाके नामपर चित्रपटमें दर्शाए गए राष्ट्रवादपर आपत्ति व्यक्त की और वैज्ञानिकके हिन्दू धर्मके प्रति अटूट श्रद्धाको लेकर प्रश्न उठाए हैं । इसपर ‘कोगिटो’ नामका उपयोगकर्ता (यूजर) पूछता है कि क्या यदि यहांं कोई मुसलमान ‘नमाज’ पढता तो इसपर अनुपमा आपत्ति व्यक्त करती क्या ? सम्भवतया नहीं; किन्तु उन्हें हिन्दुत्वसे समस्या है ।
इससे पूर्व अनुपमाने ‘कश्मीर फाइल्स’में इस तथ्यको तिरस्कृत किया था कि कभी हिन्दुओंका नरसंहार हुआ था और इसे ‘संशोधित ड्रामा’ घोषित किया था । अनुपमा चोपडा, ‘फिल्म डायरेक्टर’ विधु विनोद चोपडाकी पत्नी हैं । उनके पतिने ‘शिकारा’ जैसे चलचित्रके माध्यमसे कश्मीरी हिन्दुओंके नरसंहारका उपहास (मजाक) एक प्रेम कथा (लव स्टोरी) दिखाकर बनाया था । इसके अतिरिक्त विधु विनोदने ‘पीके’ जैसे चलचित्रमें भी अपना योगदान दिया है, जिसमें हिन्दू धर्मके प्रति घृणा और देवी-देवताओंका उपहास किया गया ।
चलचित्र उद्योगके माध्यमसे कला, कौशल व अभिनयका दुरुपयोगकर जनमानसमें सनातम धर्म और राष्ट्रके प्रति विकृति छवि बनाए जानेका षड्यन्त्र अनवरत हो रहा है; इसके निष्कासनके लिए जनमानसको विवेकशीलताका परिचय दिखाकर इनका सर्वव्यापक संवैधानिक रूपसे तिरस्कार करना चाहिए एवं चलचित्र जगतको सनातनद्रोही तत्त्वोंसे मुक्त करनेके लिए चलचित्र जगतके माध्यमसे भी दैवी हिन्दू राष्ट्र स्थापनाके कार्यके लिए बाध्य करना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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