महाराजगंजमें मन्दिरकी मूर्तिसे साधु व साध्वीकी निर्मम हत्या
१९ नवम्बर, २०२१
उत्तर प्रदेशके महाराजगंज जनपदमें एक मन्दिरके भीतर पुजारी व साध्वीका शव प्राप्त हुआ है । दोनोंकी हत्याकी आशंका जताई जा रही है । प्रकरण परसा मलिक ‘थाना’ क्षेत्रके महदेइया गांवका है । ग्रामीणोंने दोनों शवोंको १९ नवम्बर २०२१, शुक्रवारके प्रातः काल मन्दिर परिसरमें देखा; जिसके पश्चात ‘पुलिस’को इसकी सूचना दी गई । प्रकरणकी पुष्टि महाराजगंज ‘पुलिस’ने की व प्रकरण स्थलपर गोरखपुर ‘जोन’के ‘एडीजी’ अखिल कुमार एवं महाराजगंज ‘एसपी’ प्रदीप गुप्ताने ‘दौरा’ भी किया । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, हत्यारोंने प्रहारके लिए मन्दिरमें ही लगी एक मूर्तिका प्रयोग किया । इस मूर्तिसे दोनोंके मस्तकपर आघात किया गया है । यह मन्दिर दुर्गा माता का है एवं इसे गांवके राम रतन मिश्राने बनवाया था । उनकी आयु ७३ वर्ष की थी एवं वह मन्दिरमें ही पुजारी थे । मन्दिरमें लगभग २० वर्ष पूर्व नेपालके धकढाईसे आई कलावती भी रहती थी, उनकी आयु ६५ वर्ष थी । वह मन्दिरमें पूजा पाठ किया करती थी । ‘पुलिस’ अधीक्षक महाराजगंजने बताया है कि प्रथम दृष्टिमें यह प्रकरण सम्पत्तिके विवादके कारण लग रहा है । अन्य प्रतिवेदनके अनुसार पुजारीके दो अन्य भाई भी हैं । उनकी हत्यासे कुछ दिवस पूर्व ही उन्हें निर्माणाधीन रोहिन ‘बैराज’में भूमिके बदले १४ लाख रुपए प्राप्त हुए थे ।
साधु सन्तोंकी इस भूमिपर आज उन्हींका जीवन अत्यधिक संकटमें है । वहीं शासन व प्रशासन उन्हें सुरक्षा प्रदान करनेमें पूर्णतः असफल दृष्टिगत हो रहा है । आनेवाले हिन्दूराष्ट्रमें यही साधु सन्त ही इस देशका संचालन करेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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