उत्तर प्रदेशके बडे मियां छोटे मियां दरगाहपर लहराया गया भगवा ध्वज, लोगोंने कहा, यहां था प्राचीन शनि मन्दिर 


१५ अप्रैल, २०२२
उत्तर प्रदेशके एटा जनपदके जलेसरमें स्थित बडे मियां छोटे मियांकी दरगाहमें शनिजातसे पूर्व हरे रंगके स्थानपर भगवा ध्वज लगा दिया गया जो अगले दिवस बुधवार १३ अप्रैलको भी परिसरमें लगा रहा । स्थानीय लोगोंका कहना है कि यहां पूर्वमें शनि मन्दिर ही था और उसके पश्चात अतिक्रमणकर दरगाह बना दी गई । वहीं जैन समाजका भी कहना है कि उनका एक भाग भी दरगाहमें है । अलीगंजके ‘एसडीएम’ अलंकार अग्निहोत्रीने बताया कि शनिदेवकी पूजाके लिए जिसे ‘जात’ कहा जाता है, उस हेतु भारी संख्यामें हिन्दू श्रद्धालु यहां आते हैं । इसी मध्य जो ध्वज श्रृद्धालु यहां चढाते हैं वही ध्वज यहां लहराया गया है । जलेसर देहात ग्राम पंचायतके प्रधान शैलेंद्र सिंहका भी यही कहना है कि इस स्थानपर शनि देवका एक प्राचीन मन्दिर था । दरगाहसे जुडे लोगोंने धीरे-धीरे सम्पूर्ण मन्दिरका अतिक्रमण कर लिया और मन्दिरका अस्तित्व ही समाप्त हो गया है । समाचारके अनुसार सम्पूर्ण वर्ष दरगाहपर आनेवाले करोडों रुपए एवं वस्तुओंके घोटालेका प्रकरण सामने आ चुका है, जिसके पश्चात प्रशासनने दरगाहको अधिकृत कर लिया है । यहांकी व्यवस्था एवं अन्य कार्य प्रशासनके हाथमें आ चुका है । सम्पूर्ण वर्षभरमें यहां आनेवाली अर्पण राशि लगभग ५ करोड रुपए हैं, जिसे शासनके कोषमें प्रविष्ट कराया जाएगा । इससे पूर्व दरगाहके पदाधिकारीके परिजन इसकी देखरेख करते थे एवं उनकेद्वारा किए घोटालोंके पश्चात कार्यवाही आरम्भ हुई । आरोपी स्वयं जलेसर छोडकर ही भाग गए हैं । दरगाहमें शनि मन्दिरमें आने वाले श्रद्धालुओंकी संख्या अधिक हैं । वहीं जैन समाज बुधवारको होने वाले ‘जात’का प्रबन्धन देखता है । दरगाह ‘कमेटी’का पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अकबर सहित अन्य नौ लोगोंपर अभियोग प्रविष्ट हुआ है; परन्तु वह अभी ‘पुलिस’की पकड से बाहर है ।
      यह कोई नवीन स्थल नहीं जहां मुसलमानोंद्वारा अतिक्रमण किया गया हो । ऐसे अनेक मन्दिरों एवं हिन्दू आस्थास्थानोंको यवनोंके कालसे ही क्षतिग्रस्तकर उन्हें मुसलमानी स्थल बनाया गया था । अब शासनको चाहिए की वह कार्यवाहीकर सत्यको सभीके समक्ष उजागर करें एवं दरगाहको नष्टकर, शनि मन्दिरका पुनः निर्माण करें, यही सभी हिन्दुओंकी मांग है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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