‘द कश्मीर फाइल्सको रोको, टूट रही गंगा-जमुनी सभ्यता’, समाजवादी दलके सांसद एसटी हसनका वक्तव्य
२० मार्च, २०२२
विवेक अग्निहोत्रीके चलचित्र ‘द कश्मीर फाइल्स’ जबसे प्रसारित (रिलीज) हुई है, तभीसे इसको लेकर प्रतिबन्धित करनेके अत्यधिक प्रयास किए जा रहे है । इसी क्रममें अब समाजवादी दलके नेता समाजवादी दलके सांसद एसटी हसनका नाम जुड गया है । उन्होंने भी इस चलचित्रपर प्रतिबन्ध लगानेकी मांग करते हुए इसे दो बडे समुदायोंके मध्य घृणा फैलानेवाला बताया है ।
मुरादाबादसे ‘सपा’के सांसदने कहा, “कश्मीरी पण्डितोंकी पीडा हमारे हृदयमें भी है । अपने ही देशमें वह शरणार्थी (रिफ्यूजी) हो गए हैं; किन्तु इसको इतना प्रमुखतासे प्रदर्शित (हाइलाइट) करना हमारी ‘गंगा-जमुनी’ सभ्यताको तोडनेका कार्य करती है । घृणाको बढावा देती है; इसलिए इसपर प्रतिबन्ध लगना चाहिए । यदि इस चलचित्रको अनुमति दी गई तो कल मुरादाबाद, भागलपुर और गुजरातपर भी चलचित्र बन सकता है । ये क्रम कब समाप्त होगा ?”
बता दें कि कुछ दिवस पूर्व ही ‘सपा’के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादवने इस चलचित्रपर आपत्ति व्यक्त की थी और कहा था कि ‘लखीमपुर फाइल्स’ भी बनानी चाहिए ।
गंगा और यमुना, दोनोंपर केवल हिन्दुओंका अधिकार है; अतः ‘गंगा-जमुना’ नामक किसी संस्कृतिका अस्तित्व भारतमें नहीं है; अतः यह झूठ फैलाना बन्द किया जाना चाहिए । चलचित्रपर प्रतिबन्ध लगानेकी मांग करनेवालोंके छलावेमें नहीं आना चाहिए । यदि उनकी मांग मानकर इसे प्रतिबन्धित भी किया गया तो भी वे सुधरनेवाले नहीं हैं; अपितु हिन्दू अवश्य सत्यसे परिचित होनेसे वंचित रह जाएंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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