दाऊदकी कोई भी सम्पत्ति सनातन संस्थाने क्रय नहीं की, चेतन राजहंस


९ नवम्बर, २०२१
        मुंबई ‘ड्रग’ प्रकरणमें अत्यधिक हीन स्तरकी राजनीति हो रही है । नवाब मलिकने स्वयंपर किए गए आरोपोंका दोषारोपण करते हुए मंगढत वक्तव्य देकर सनातन संस्था नामक आध्यात्मिक संस्थाका विषवमन किया है । वास्तविकता यह है कि दाऊदकी किसी भी सम्पत्तिका सनातन संस्थासे कोई भी सम्बन्ध नहीं है ।
         सनातन संस्थाके प्रवक्ता चेतन राजहंसने कहा क‍ि वास्तवमें रत्नागिरीके समाचार पत्रोंमें प्रकाशित समाचारोंके अनुसार, वह सम्पत्ति देहलीके अधिवक्ता अजय श्रीवास्तवने क्रय की है । समाचार प्रतिवेदन अनुसार, उस स्थानपर छोटे बच्चोंको सुसंस्कारित करनेके लिए ‘सनातन धर्म पाठशाला’ नामका गुरुकुल आरम्भ करनेकी घोषणा की है । यथार्थमें सनातन संस्था और अधिवक्ता अजय श्रीवास्तवका कोई भी सम्बन्ध नहीं है । इस प्रकारके असत्य आरोपकर नवाब मलिक स्वयंका ‘मजाक’ न बनाएं ! सनातन संस्था और दाऊदकी एकत्रित चर्चाकर समाजमें हिन्दू संस्थाओंके विषयमें भ्रांति फैलानेका यह षड्यन्त्र है । इस प्रकरणमें नवाब मलिकको महाराष्ट्र शासन समझाएगी, ऐसा अपेक्षित है ।
       नवाब मलिकने सनातन संस्थाका नाम लेकर, महाराष्ट्रके विरोधी दलके नेता देवेंद्र फडणवीसके आरोपोंसे बचनेका प्रयास किया है । उनपर आतङ्कवादी व अपराधियोंसे सीधे भूमि क्रय करनेका आरोप लगाया गया है । नवाब मलिक जिस दाऊदकी भूमिका उल्लेख कर रहे हैं, वह भूमि केन्द्र शासनद्वारा अधिग्रहितकर उसकी ‘नीलामी’ की गई । उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता श्रीवास्तवने भी वह भूमि प्रत्यक्ष रूपसे दाऊदसे क्रय नहीं की थी; वरन शासनद्वारा ‘नीलामी’की प्रक्रियाके माध्यमसे क्रय की है । इसलिए असत्य जानकारीके आधारपर स्वयंका दोष छुपानेका उनका प्रयास विफल हुआ है । इस विषयमें सनातन संस्थाके विषयमें असत्य जानकारी फैलानेका प्रयास किए जानेपर विवश होकर, चेतन राजहंसने वैधानिक कार्यवाही करनेका वक्तव्य दिया है ।
       नवाब मालिकके विषैले वक्तव्य उनकी हिन्दूद्वेषी छविको निःसन्देह परिलक्षित करता है, कांग्रेसके मन्त्रियोंद्वारा तथ्यहीन वक्तव्य देकर समाजको दिग्भ्रमित करनेके षडयन्त्र अब सभी हिन्दू समझने लगे हैं । ऐसे तत्त्वोंसे संघर्ष करनेके लिए हिन्दुओंको संगठित होना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : लीजेंड न्यूज


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