कर्नाटकमें निर्मित किए जा रहे संस्कृत विश्वविद्यालयको कांग्रेस और जिहादी आतंकी संगठन ‘पी.एफ.आई.’का विरोध !


१८ जनवरी, २०२२
कुछ दिवस पूर्व ही कर्नाटकके भाजपा शासनने कर्नाटकमें संस्कृत विश्वविद्यालय बनानेके लिए १०० एकड भूमि देना निश्चित किया । उसके उपरान्त कांग्रेस, जिहादी आतंकी संगठन ‘पॉप्युलर फ्रण्ट ऑफ इण्डिया (पी.एफ.आई.)’ और कर्नाटकके आधुनिकतावादियोंने राज्य शासनके इस निर्णयका विरोध करना आरम्भ किया है । रामनगर जनपदके मामगडी क्षेत्रमें यह संस्कृत विश्वविद्यालय बनाया जानेवाला है । राजा केंपेगौडाने मामगडी नगरमें ऐतिहासिक कालभैरेश्वर देवालय और रंगनाथस्वामी देवालयका निर्माण किया था । कर्नाटक कांग्रेसके प्रवक्ता ए.एन. नटराजा गौडाने कहा, “कन्नडभाषी बच्चोंको संस्कृतकी शिक्षा देकर उन्हें धर्मान्ध बनानेका षड्यन्त्र रचा जा रहा है । कर्नाटक शासन रामनगर क्षेत्रको पर्यटनस्थलके रूपमें विकसित करनेके स्थानपर वहां एक अनुपयोगी संस्कृत विश्वविद्यालय बनानेका प्रयास कर रही है ।” सामाजिक माध्यमोंपर भी इस संस्कृत महाविद्यालयका विरोध होने लगा ।
‘पी.एफ.आई.’के कर्नाटक प्रमुख यासीर हुसैनने कहा, “कन्नडभाषियोंको उनपर संस्कृत और हिन्दी भाषा थोपनेवाले इस निर्णयका विरोध करना चाहिए । हमारे पूर्वजोंने कन्नड भाषाके साथ यहांकी परम्पराका भी जतन किया है ।” कर्नाटकमें वर्ष २०१० से संस्कृत विश्वविद्यालय चल रहा है; परन्तु धनराशिके अभावमें उसका स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं था । यह विश्वविद्यालय एक भवनमें आरम्भ किया गया था । राज्यमें भाजपाका शासन आनेके उपरान्त इस विश्वविद्यालयके लिए मुगडी नगरमें १०० एकड भूमि आवंटित की गई ।
       कांग्रेस शासन जब मदरसोंके विकास हेतु व्यापक धनराशि व्यय करती है, तब उन्हें कभी पर्यटनस्थल बनाना स्मरण क्यों नहीं होता ? कन्नड सहित देशकी अधिकांश भाषाएं संस्कृतसे ही जन्मीं हैं; अतः संस्कृतका विकास किया ही जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution