संस्कृत भाषाका अनादर करनेवाले भारतीयोंका घोर अधःपतन !


भारतीयोंका प्राचीन वाङ्मय एवं कला जाननेकी उत्कट इच्छा जर्मनीमें है; किंतु भारतके कर्इ व्यक्तियोंको संस्कृतका कुछ भी ज्ञान नहीं है । – परम पूज्य डॉ. काटे स्वामी



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