सन्त गोपाल दासने पुलिसपर बन्दी बनानेका आक्षेप किया !


जून १६, २०१८

सोनीपतमें आज होने वाले मुख्यमन्त्रीके ‘रोड शो’के कारण गोहानामें सन्त गोपाल दासने पुलिसपर बन्दी बनानेका आक्षेप किया । सन्त गोपाल दास गोहानामें जैन स्थानकमें सुन्दर मुनि महाराजके दर्शन करनेके लिए आए थे । आज उन्हें उत्तराखण्डमें ‘वन बचाओ आन्दोलन’को लेकर चल रहे, गुर्जर समाजके लोगोंके आन्दोल में सम्मिलित होकर, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमन्त्रीके नाम ज्ञापन सौपना था; लेकिन आज सोनीपतमें प्रदेशके मुख्यमन्त्री मनोहर लालके ‘रोड शो’के चलते उन्हें पुलिसने स्थानकमें ही बन्दी बना लिया !

वहीं सन्त गोपालदासने कहा कि शासन महिलाओं व गायकी रक्षाको लेकर गम्भीर नहीं है । गो तस्करी व महिलाओंसे अत्याचारकी सूचना मिलनेके घण्टों बादतक पुलिस नहीं पहुंचती है; लेकिन एक सन्तको बन्दी बनानेके लिए पूरे प्रशासनिक बलका प्रयोग कर दिया गया । उन्होंने कहा कि बन्दी बनानेके बाद, उन्होंने पुलिस कर्मियोंसे लिखितमें आदेश मांगे; लेकिन प्रस्तुत नहीं किए ! उन्होंने कहा कि समाजमें भाजपा सरकार सामान्य नागरिकके लोकतान्त्रिक अधिकारोंको छीन रही है !

उन्होंने भाजपापर लक्ष्य करके कहा कि भाजपा नेता राम राज्यकी बात करते थे, क्या आम आदमी को नजरबंद करना राम राज्य है ? उन्होंने कहा कि शासन सन्तसे भयभीत है । उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा शासनमें ५वीं बार बन्दी बनाया गया है । दो बार रोहतक, एक बार सोनीपतके अतिरिक्त, अब गोहानामें उनके साथ यह हुआ है । उन्होंने कहा कि शासनने एक बार मुद्देमें अपने आपको फंसते हुए देख, गुरमीत राम रहीमकी तरह आक्षेप करके, उन्हें फंसानेकी भी बात कहीं थी !

इस प्रकरणमें गोहाना नगर थानाके ‘एसएचओ’ कुलदीप देसवालने कहा कि उन्हें बन्दी नहीं बनाया गया वरन उनकी सुरक्षाको देखते हुए पुलिस प्रशासन यह पग उठा रही है ।

स्रोत : पंजाब केसरी



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution