बड अधिकार दच्छ जब पावा । अति अभिमानु हृदय तब आबा ।नहि कोउ अस जनमा जग माहीं । प्रभुता पाई जाहि मद नाहीं ।अर्थ: जब दक्षको प्रजापतिका अधिकार मिला तो उसके मनमें अत्यधिक घमंड आ गया । संसारमें ऐसा किसीने जन्म नही लिया जिसे अधिकार पाकर घमंड नहीं हुआ हो । – गोस्वामी तुलसीदास
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