उच्चतम न्यायालयका हिन्दू द्रोह, कार सेवकोंपर गोली चलानेके लिए मुलायम सिंहके विरुद्ध याचिका निरस्त की !!


जनवरी २, २०१९

उच्चतम न्यायालयने उत्तर प्रदेशके पूर्व मुख्यमन्त्री मुलायम सिंह यादवको कार सेवकोंपर गोली चलानेके आदेश देनेके लिए अभियोग प्रविष्ट करनेकी मांग ठुकरा दी है । उल्लेखनीय है कि १९९० के राम जन्मभूमि आंदोलनके समय मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री थे । इस मध्य उन्होंने कार सेवकोंपर नियन्त्रण पानेके लिए पुलिसको गोली चलानेके आदेश दिए थे । इन्हीं आदेशोंको लेकर उच्चतम न्यायालयमें याचिका प्रविष्ट करते हुए मुलायम सिंहके विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट करनेकी मांग की गई थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालयने अस्वीकृत कर दिया ।


न्यायालयने कहा कि उच्च न्यायालयके निर्णयके विरुद्ध उच्चतम न्यायालयमें याचिका प्रविष्ट करनेमें देरी हुई । इस आधारपर याचिका अस्वीकृत की जाती है । बता दें कि उच्च न्यायालयके निर्णय देनेके २७७ दिवसोंके पश्चात उच्चतम न्यायालयमें याचिका प्रविषट की गई थी । इसमें राणा संग्राम सिंहने याचिकामें कहा कि ६ फरवरी २०१४को मैनपुरी जनपदमें आयोजित एक जनसभामें मुलायम सिंह यादवने कहा था कि उनके आदेशपर १९९० में पुलिसने अयोध्यामें कार सेवकोंपर गोली चलाई थी ।

इस वक्तव्यके पश्चात राणा संग्राम सिंहने मुलायम सिंहके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट करनेकी याचिका लगाई थी, जिसमें यह प्रश्न उठाया गया था कि क्या मुख्यमन्त्री भीडपर गोली चलानेका आदेश दे सकता है ? यदि हां, तो किस प्रावधानके अन्तर्गत ? क्या पुलिसको भीडपर गोली चलानेका अधिकार है ?

 

स्रोत : जागरण



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