शासकीय विद्यालयमें ‘नमाज’, अनुमति देनेवाली प्रधानाध्यापिका निलम्बित, अधिक मुसलमान छात्र विद्यालय आएंगे, यह दिया था तर्क
२९ जनवरी, २०२२
कर्नाटकमें कोलारके शासकीय विद्यालयमें विद्यार्थियोंको ‘नमाज’ पढनेकी अनुमति जिस प्रधानाध्यापिकाने दी थी, उन्हें निलम्बित कर दिया गया है । यह घटना मुलबगल सोमेस्वरा पलाया बाले चंगप्पा शासकीय कन्नड ‘मॉडल हायर’ प्राथमिक विद्यालयकी थी । प्रधानाध्यापिकाका नाम उमा देवी है ।
शासकीय विद्यालयमें ‘नमाज’ क्यों ? इस प्रकरणको लेकर कोलारके जनपद अधिकारी उमेश कुमारने विस्तृत प्रतिवेदन प्रशासनसे मंगवाई थी । प्रकरणकी जांच कर रहीं प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी गिरीजेश्वरी देवीने प्रधानाध्यापिका उमा देवीको ‘नमाज’ प्रकरणमें निलम्बित कर दिया है । विद्यालयके अन्दर विद्यार्थियोंकेद्वारा ‘नमाज’ शुक्रवार २१ जनवरी २०२२ को पढी गई थी ।
‘इंडियन एक्सप्रेस’की प्रतिवेदनके अनुसार प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी गिरीजेश्वरी देवीने बताया कि जांचके लिए विद्यालयमें चार सदस्यीय दल भेजा गया था । जांचमें यह पाया गया कि प्रधानाध्यापिकाने शुक्रवारको विद्यालयमें छात्रोंको ‘नमाज’ करनेकी अनुमति देकर त्रुटि की है । प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारीने बताया कि मुसलमान छात्रोंको विश्रान्तिके समय ‘नमाज’ की अनुमति दी जाती है; किन्तु विद्यालय परिसरमें ‘नमाज’की अनुमति नहीं है । शासकीय विद्यालयोंमें किसी भी प्रकारकी धार्मिक प्रार्थना करनेका कोई प्रावधान नहीं है; इसलिए प्रधानाध्यापिकाको निलम्बित कर दिया गया है ।
प्रधानाध्यापिकाने विद्यालयमें ‘नमाज’ करवानेके अपने निर्णयके बचावमें तर्क दिया है । उन्होंने कहा कि विद्यालयके एक कक्षमें ‘नमाज’की अनुमति दी थी, जिससे अधिकाधिक मुसलमान छात्रोंको विद्यालयमें सम्मिलित किया जा सके ।
विद्यालय, विद्या अध्ययनके लिए हैं, ‘नमाज’के लिए नहीं । यह बात नमाजकी अनुमति देनेसे पूर्व विचारयोग्य थी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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