कुछ दिवस पूर्व समाचार प्रकाशित हुआ था कि सेनामें अनेक पद रिक्त हैं । जिस देशमें इतने युवक वृत्तिहीनतासे (बेरोजगारीसे) व्यथित हों, उस देशमें ऐसा होना किस बातका दर्शक है ?, इस विषयमें शासक वर्ग थोडा चिन्तन करे !
आए दिन हमारे सैनिक नक्सलियों एवं आतंकियोंके हाथों हुतात्मा होते रहते हैं, ऐसेमें ऐसी रणनीतिकी आवश्यकता है, जिससे इन अराजक तत्त्वोंको पूर्ण रूपेण नष्ट किया जा सके, परन्तु यह नहीं होता है; इसलिए सेनाके महत्त्वपूर्ण पद रिक्त होते हैं और साथ ही युवाओंमें देशके प्रति सेवा करनेकी भावनाओंको भी विद्यार्थी जीवनमें उनके मनमें अंकित नहीं किया जाता है !
हिन्दू राष्ट्रमें ऐसा नहीं होगा, युवा देशकी सेवा हेतु सदैव तत्पर रहेंगे ! – तनुजा ठाकुर
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