जनवरी २९, २०१९
मध्यप्रदेश शासनके आगर मालवाके सालरिया स्थित गौ अभ्यारण्यमें स्थिति अभी भी नहीं सुधर रही । यहां गायोंकी निरन्तर मृत्यु हो रही हैं । वर्तमान प्रकरणमें भी गौ अभ्यारण्यमें ३० से ४० गाय मृत मिली हैं । इसके अतिरिक्त एक नवजात बछियाकी एक आंखको कौएने नोच खानेका प्रकरण भी सामने आया है !
प्राप्त सूचनाके अनुसार पूर्व विधायक मुरलीधर पाटीदार, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारोंके एक दलने सालरिया गौ अभ्यारण्यका भ्रमण किया तो अचम्भित करनेवाले चित्र सामने आएं । यहां ३० से ४० गाय मृत अवस्थामें मिली, वहीं एक बछियाकी आंख भी कौएद्वारा नोचनेकी बात सामने आई । इस दलने इस पूरे प्रकरणका पंचनामा भी बनाया । गायोंकी मृत्युके बारेमें जब गौ अभ्यारण्यमें कर्मचारियोंसे पूछा गया तो चारे और घासकी न्यूनताकी बात सामने आई, जिससे स्पष्ट है कि भूखके चलते यहां गायोंकी मृत्यु हो रही है ।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासनने यहां गौ अभ्यारण्य बनाया; परन्तु स्थापनाके कुछ समय पश्चात ही ये गौ अभ्यारण्य विकट स्थितिमें पहुंच गया । यहां गायोंकी निरन्तर मृत्युके प्रकरण सामने आते रहे हैं । पंचनामेमें ये भी लिखा गया कि ३० से ४० गाय मृत पाई गईं और मृत गायोंको गौ अभ्यारण्यके ट्रेक्टरद्वारा फेंक दिया गया !
भूरा और चारेकी न्यूनताके चलते गौ अभ्यारण्यमें गत कुछ माहसे नूतन गायोंके प्रवेशपर प्रतिबन्ध लगाया हुआ है, इसके पश्चात भी गायोंकी मृत्यु थम नहीं रही !
आपको बता दें कि आगर मालवा जनपदके सुसनेर उपमण्डलसे (तहसीलसे) २० किमी दूर सालरिया गांवमें ४७२ हेक्टेयर क्षेत्रमें कामधेनु गौ अभ्यारण्य अनुसंधान और उत्पादन केन्द्र आरम्भ किया गया । उद्घाटनके केवल ५ माह पश्चात ही फरवरी २०१८ से नूतन गायोंके प्रवेशपर प्रतिबन्ध लगा दिया गया; क्योंकि यहां गायोंके लिए हरे चारे, भूसे और जलकी न्यूनता हो गई ।
इधर आगर मालवाके जिलाधिकारी अजय गुप्ताके अनुसार उन्हें १८ गायोंके मरनेकी सूचना मिली है । सभी मृत गायोंकी जांच कराई जा रही है और मृत्युके वास्तविक कारणोंकी जांच की जा रही है । उन्होंने ये भी कहा कि ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मृत गायोंसे अन्य गायोंमें संक्रमण न फैले । उन्होंने ये भी कहा कि गायोंकी मृत्यु ठंडके कारण होनेकी सूचना मिल रही है । यदि ऐसा है तो गायोंको ठंडसे बचानेके उपाय भी किए जाएंगे ।
“हिन्दू बहुल राष्ट्रमें गौमाताकी ऐसी विडम्बना है कि अरबोंकी सम्पत्तिके स्वामी नेताओंसे ४ गाय नहीं सम्भल रही है, यह अवश्य ही निन्दनीय है । कमलनाथ कुछ दिवस पूर्व कह रहे थे कि प्रत्येक जनपदमें गोकेन्द्र खोलेंगे, तो क्या ऐसे खोलेंगें वे गोकेन्द्र ? शासकवर्गसे लेकर साधारण नागरिक सबने मिलकर गौमाताकी जो उपेक्षा की है, वह आजके कलियुगी व स्वार्थी मनुष्योंसे ही अपेक्षा की जा सकती है । आजका हिन्दू स्वयं ३ समय पेटको कुएं समान भरके सोता है; परन्तु शास्त्राज्ञाका उल्लंघन कर प्रत्येक घरसे दो रोटी जीवोंके लिए नहीं निकलती है ! क्या संकटकालमें ईश्वर ऐसे स्वार्थी जीवोंकी सहायता करेंगें ? यदि प्रशासनसे ४ गाय नहीं सम्भलती है तो इसका उत्तरदायित्व गौ भक्तोंको क्यों नहीं दिया जाता है ? विपक्षमें भाजपा सामने आए और इस प्रकरणमें कांग्रेस शासनपर बल दें, ऐसी उनसे अपेक्षा है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नई दुनिया
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