शास्त्र वचन
ऋषभांष्चापि जानामि राजनपूजितलक्षणान् ।
येषां मूत्रामुपाघ्राय अपि बन्ध्या प्रसूयते ।। – महाभारत, विराटपर्व
अर्थ: उत्तम लक्षणवाले उन बैलोंका भी मुझे अभिज्ञान (पहचान) है, जिनके मूत्रको सूंघ लेने मात्रसे बंध्या स्त्री गर्भ धारण करने योग्य हो जाती है ।
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