शास्त्र वचन


एकाकिना तपो द्वाभ्यां पठनं गायनं त्रिभिः।
चतुर्भिगमन क्षेत्रं पञ्चभिर्बहुभि रणम्॥
 भावार्थ : तप अकेलेमें करना उचित होता है, पढनेमें दो, गानेमें तीन, जाते समय चार, खेतमें पांच व्यक्ति तथा युद्धमें अनेक व्यक्ति होना चाहिए ।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution