शास्त्र वचन


नाम: चिंतामणि कृष्णश्चैतन्य रस विग्रह: ।
पूर्ण शुद्धो नित्यमुक्तोSभिन्नत्वं नाम नामिनो: ॥ – पद्मपुराण
अर्थ : हरिनाम उस चिन्तामणिके समान है जो समस्त कामनाओंको पूर्ण कर सकता है । हरिनाम स्वयं रसस्वरूप कृष्ण ही है तथा चैतन्यस्वरूप है । कृष्ण नाम पूर्ण है, शुद्ध है, नित्यमुक्त है । नामी (हरि) तथा नाममें कोई अन्तर नहीं है । जो कृष्ण हैं, वही कृष्णनाम है । जो कृष्णनाम है, वही कृष्ण हैं ।


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