शास्त्र वचन


क्षमा बलमशक्तानाम् शक्तानाम् भूषणम् क्षमा ।
क्षमा वशीकृते लोके क्षमयाः किम् न सिद्ध्यति॥
अर्थ
: क्षमा निर्बलोंका बल है, क्षमा बलवानोंका आभूषण है, क्षमाने इस विश्वको वशमें किया हुआ है, क्षमासे कौन सा कार्य सिद्ध नहीं हो सकता है ?



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