महता पुण्ययोगेन मानुषं जन्म लभ्यते । तत्प्राप्य न कृतो धर्मः कीदृशं हि मयाकृतम् ॥ – गरुड पुराण
अर्थ : अत्यधिक पुण्यसे मनुष्यका यह जन्म प्राप्त होता है। यह प्राप्त करनेपर भी मैंने धर्म अनुसार आचरण नहीं किया यह ज्ञान होनेपर वह व्यक्ति दुखी होता है कि मात्र शरीर छोडनेसे वह जन्म-मृत्युके चक्रसे नहीं निकल सकता है।
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