कहां नहीं रहना चाहिए ?
यस्मिन् देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बान्धवा:। न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।। – चाणक्य नीति
अर्थ : जिस देशमें सम्मान न हो, जहां कोई आजीविका न मिले, जहां अपना कोई भाई-बन्धु न रहता हो और जहां विद्या-अध्ययन सम्भव न हो, ऐसे स्थानपर नहीं रहना चाहिए ।
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