वध्यन्ते न ह्यविश्वस्ता: शत्रुभिदुर्बला अपि । विश्वस्तास्तेषु वध्यन्ते बलवन्तोऽपि दुर्बलै: ॥ – महाभारत १२.१३८.१९८
अर्थ : जो सावधान होते हैं, वे दुर्बल होते हुए भी शत्रुके हाथों नहीं मारे जाते हैं; किन्तु जो बलाढ्य(शक्तिशाली ) होते हैं; वे यदि शत्रुके विषयमें असवाधान रहते हैं तो भी दुर्बल शत्रुद्वारा मारे जाते हैं।
Leave a Reply