मन्दिर सरकारीकरणके दुष्परिणाम, शिरडी साईंबाबा ट्रस्टने बिना ब्याजके महाराष्ट्र सरकारको दिए ५०० कोटि रुपये !!


दिसम्बर २, २०१८

महाराष्ट्रके अहमदनगर जनपदमें शिरडीमें साईं बाबाकी समाधिका प्रबन्धन करने वाली संस्था ‘श्री सांईंबाबा संस्थान ट्रस्ट’ एक बांधसे नहरोंका नेटवर्क बनानेके लिए ५०० कोटि रूपये प्रदान करेगी !

प्रवरा नदीपर निलवंडे बांध बना है और इससे नासिकमें सिन्नर और अहमदनगर जनपदमें संगमनेर, अकोले, रहाता, राहुरी और कोपरगांव उपमण्डलके (तहसीलके) १८२ गांवोंके लाभान्वित होनेकी उम्मीद है ।

समितिके एक वरिष्ठ अधिकारीने बताया कि प्रदेश सरकारके गोदावरी-मराठवाडा सिंचाई विकास निगमके साथ इस सम्बन्धमें सहमति ज्ञापनपर हस्ताक्षर किए गए हैं । उन्होंने बताया, ”समिति परियोजनाके लिए ५०० कोटि रूपये प्रदान करेगी, किन्तु इसपर ब्याज नहीं लगाया जाएगा । यद्यपि उन्होंने इसके भुगतानका विवरण देनेसे मना कर दिया !

अधिकारीने बताया कि मंदिर समिति निरन्तर सामाजिक कार्यके लिए धन प्रदान करता है, किन्तु निलवंडे बांधके लिए बडी धनराशि प्रदान की गई है और यह एक भिन्न प्रकारका कार्य है ।

प्रदेशके जल संसाधन विभागके अधिकारियोंने बताया कि निलवंडे बांध जलका संग्रह कर रहा है, किन्तु दाई और बाईं ओर नहरोंके निर्माणकी आवश्यकता है, जिससे इसका उपयोग सिंचाई और पीनेके पानीके लिए किया जा सके ।

 

“सरकारोंकी दृष्टि सदैव देवालयोंकी सम्पदापर रही है तो क्या यह धन वापस किया जाएगा ? गिरिजाघर धनको धर्मान्तरणमें और मस्जिदों इस्लामके प्रसारमें लगाती हैंं और देवालयोंका धन सदैव मानव सेवामें लगता है तो क्या महाराष्ट्रमें मस्जिदों व गिरिजाघरोंसे सरकारने कभी धन लिया है ? ये सभी प्रश्न विचारणीय हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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