आपणीमें (दुकानमें) आनेवाली बच्चियोंको करता था अभद्र सङ्केत, अपने भ्रमणभाष क्रमाङ्कका ‘पर्ची’ पकडाता था शोएब, बन्दी बनाए जानेके उपरान्त पीडिताको धमकाने लगे आरोपीके परिजन


२८ नवम्बर, २०२१
      राजस्थानके जोधपुरमें एक आपणीपर वस्त्र क्रय करने गई अवस्यक छात्राके साथ अश्लील चेष्टा (हरकत) करनेवाले विक्रेतापर (सेल्समैनपर) प्रकरण (केस) प्रविष्टकर, ‘पॉक्सो’ अधिनियमके अन्तर्गत, बन्दी बना लिया गया है । आरोपितका नाम शोएब खान है । ‘CCTV फुटेज’से आरोपोंकी पुष्टि हुई है । आरोपितके कारावास जानेके उपरान्त अब उसके परिवारवाले पीडित बच्चीके घरवालोंको परिणाम भुगतनेकी धमकी रहे हैं और प्रकरण ‘वापस’ लेनेका दबाव बना रहे हैं । इसको लेकर भी परिजनने प्रकरण प्रविष्ट कराया है ।
      ‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, पीडिताकी आयु १२ वर्ष है और वह अपने पिताके साथ सरदारपुराके बच्छराज यूनिफॉर्म स्टोर नामक आपणीमें वस्त्र क्रय करने गई थी । बच्चीको वस्त्र दिखाते हुए शोएबने उसे अश्लील सङ्केत किए । उसने आपणीमें उपस्थित अन्य लोगोंसे दृष्टि बचाते हुए, बच्चीको बारम्बार एक ‘पर्ची’ पकडानेका प्रयास किया । इस मध्य वह बारम्बार अभद्र सङ्केत कर रहा था । बच्चीने बताया कि आरोपितकी इन चेष्टाओंसे वह अत्यधिक भयभीत हो गई थी ।
     जोधपुर ‘पुलिस’के अनुसार, आरोपितपर अपराध क्रमाङ्क २६३/२०२१ के अन्तर्गत धारा-५६ (क) ‘IPC’ और ‘पॉक्सो’ अधिनियममें कार्रवाई हुई है । ‘फुटेज’में यह भी दिखा कि वह और भी लडकियोंके साथ इसी प्रकारके अभद्र सङ्केत कर रहा था ।
       जिहादी चाहे विक्रेता हो, अध्यापक हो अथवा चाकर । ये वासनान्ध केवल स्त्रियोंका शील भंगकर, उनका जीवन नष्ट करना चाहते है और विशेषकर हिन्दू बच्ची एवं युवतियां, इनका मुख्य लक्ष्य होती है । इस प्रकरणमें ‘पुलिस’ और न्यायालय तो अपना कार्य कर ही रहे है; परन्तु हिन्दुओं आप कब अपना कार्य करेंगे ? ऐसे जिहादी वासनान्धोंकी आपणियोंसे व्यवहार करना, एक प्रकारसे इनका समर्थन ही है; अतः हिन्दुओंका संगठित होकर, ऐसे प्रकरणोंपर विचार करना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution