श्रीगुरु उवाच


तत्त्वशून्य राजकीय पक्ष जनताको प्रसन्नकर, चुनकर आनेके लिए कुछ भी करते हैं वहीं साधक मात्र ईश्वरको प्रसन्न करनेके लिए कठोर प्रयत्न करनेको सिद्ध रहते हैं ।  –  परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था 

साभार : https://sanatanprabhat.org/



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