१. हिन्दू एकपत्नीव्रतका आदर्श मानते हैं ।
२. ईसाई व्यक्तिगत स्वतन्त्रताके नामपर स्वेच्छाचार करते हैं ।
३. मुसलमान चार पत्नियां रख सकते हैं । ‘मुसलमान बादशाहों’के हरममें (अनैतिक रनिवासमें) सैकडों स्त्रियां होती थीं । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
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