भारतमें पुलिस सहित सभी क्षेत्रोंमें अपराधियोंका होना, स्वतन्त्रताप्राप्तिसे अब तकके शासकोंके लिए लज्जाजनक है ! बच्चोंको विद्यालयसे ही साधना सिखाई गई होती, तो बडा होकर कोई अपराधी न बनता । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
साभार : https://sanatanprabhat.org/
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