सम्पूर्ण विश्वको लगता है, हिन्दू धर्मका आधार
मात्र भारतके हिन्दुओंको ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण विश्वके मानवजातिको लगता है कि उन्हें हिन्दू धर्मका आधार (सहारा) है ! इसी कारण जगभरके जिज्ञासु अध्यात्मका ज्ञान प्राप्त करने भारत आते हैं । बुद्धिप्रामाण्यवादी, धर्मद्रोही तथा साम्यवादीके तत्त्वज्ञान प्राप्त करने हेतु भारतमें कोई नहीं आता; यह भी उनके ध्यानमें नहीं आता !
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