हिन्दू राष्ट्रमें जिनकी शिक्षा सात्त्विक भारतीय भाषाओंमें हुई है, ऐसोंको ही चाकरी (नौकरी) दी जाएगी । अंग्रेजी माध्यममें शिक्षा लेनेवालोंको चाकरी नहीं मिलेगी । अभिभावक इसका विचारकर अभीसे ही अपने बच्चोंको सात्त्विक भारतीय भाषाओंमें शिक्षा दें ! हिन्दू राष्ट्रमें तामसिक अंग्रेजी भाषाकी शिक्षाका कोई स्थान नहीं होगा, सात्त्विक भारतीय भाषाओंमें ही शिक्षा लेना अनिवार्य होगा ! – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
साभार : https://sanatanprabhat.org/
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