मायाका सर्वज्ञान जिसे हो, वे देवता !
संतोंकी सर्वज्ञता उनके भक्तोंके सन्दर्भमें तथा गुरुकी सर्वज्ञता शिष्योंके सन्दर्भमें होती है; परन्तु उन्हें मायाके सर्व विषयोंका (उदा. संगणक सुधारना, वाहन चलाना इत्यादि) ज्ञान होगा ही है, ऐसा नहीं है; परन्तु देवताको मायाके सभी विषयोंका ज्ञान होता है । – परात्पर गुरु परम पूज्य डॉ. जयंत आठवले (१२.२.२०१५)