बुद्धिप्रामाण्यवादी, पुरोगामी, जात्यंध, साम्यवादी इत्यादिके कारण हिन्दुओंमें फूट पडकर राष्ट्र अतिशय अशक्त (कमजोर) हो गया है । हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए धर्मयुद्धमें प्रथम धर्मयुद्ध, इन्हींसे आरम्भ होगा । -परात्पर गुरु डॉ जयंत आठवले (२.३.२०१५)
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