श्रीगुरु उवाच


Guru_Shishyaआजकल अनेक घरोंमें बच्चोंके साधनाका विरोध करनेवाले हिरण्यकश्यपु तथा कैकेयी हैं !

सत्ययुगमें एक हिरण्यकश्यपु था । उसका पुत्र प्रह्लाद साधना करता था, इसलिए हिरण्यकश्यपुने उसके साथ अतिशय छल किया । उसके प्राण लेने हेतु अनेक प्रयत्न किए; परन्तु प्रह्लादकी ईश्वरने प्रत्येक बार रक्षा की । अब कलियुगमें एक हिरण्यकश्यपु नहीं; अपितु अनेक घरोंमें हिरण्यकश्यपु तथा कैकेयी हैं । वे प्रह्लाद जैसे उनके बच्चोंकी साधनाका विरोध करते हैं । आगे हिरण्यकश्यपुका जो हुआ वही उनका भी होगा और हिन्दू राष्ट्रकी अर्थात् रामराज्यकी स्थापना होगी । –  परात्पर गुरु डॉ जयंत आठवले (२४.८.२०१४)



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