श्रीगुरु उवाच


पंचमहाभूतोंमेंसे तेजतत्त्व एवं आकाशतत्त्व सीखनेके आधारभूत होते हैं । तेजतत्त्वके कारण नेत्रोंके माध्यमसे तथा आकाशतत्त्वके कारण कानके माध्यमसे हम सीख सकते हैं । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले (१३.११.२०१४)

(पृथ्वी, आप, तेज, वायु और आकाश, इन पञ्चतत्त्वोंको महाभूत कहा जाता है, सृष्टिकी निर्मिति इन तत्त्वोंके बिना असंभव है  –  तनुजा  ठाकुर 



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