अकेले नरेन्द्र मोदी आदर्श राष्ट्ररचना हेतू क्या कर सकेंगे ?
आज देशके नागरिक सोचते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आदर्श राष्ट्ररचना हेतु प्रयत्न करेंगे। आदर्श राष्ट्ररचनाको संस्कृतमें धर्मसंस्थापना कहते हैं । यह व्यापक राष्ट्रकार्य कोई अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता । इसके लिये प्रामाणिक, निःस्वार्थी, भ्रष्टाचार न करनेवाले (सदाचारी), सज्जन, नीतीमान, चारित्र्यसंपन्न, राष्ट्रभक्ति, धर्माभिमानी आदि गुणोंवाले कार्यकर्ताओंका समूह होना आवश्यक होता है; क्योंकि उन्हें ही देवताओंका आशीर्वाद प्राप्त होता है । देवताओंके आशीर्वादसे ही राष्ट्र एवं धर्मका कार्य परिणामकारक होता है । दुर्भाग्यसे नरेन्द्र मोदीजीके पास देवताओंका आशीर्वाद प्राप्त कार्यकर्ताओंका समूह नहीं है। भाजपामें भी देवताओंका आशीर्वाद प्राप्त कितने व्यक्ति हैं ? – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले (१५.७.२०१४)
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