राष्ट्र एवं धर्मके लिए चुनावमें प्रत्याशियोंद्वारा थोडे स्थानका त्याग न कर सकनेवाले राजकीय पक्ष देश तथा धर्मके लिए सर्वस्वका त्याग कभी करेंगे क्या ? – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले
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