कोई भी कार्य करनेके संदर्भमें राजनीतिज्ञ तथा साधक इनके विचारोंमें भेद ‘समाज हितका कोई कार्य करने हेतु राजनीतिज्ञोंसे विनती करनेपर वे ‘हां ! वह मुझे स्मरण है, अभी उस कार्यमें फलां-फलां अडचन है । थोडे दिवस पश्चात् वह कार्य करता हूं’, ऐसा उत्तर देते हैं एवं प्रत्यक्षमें कुछ नहीं करते । इसके विपरीत साधक कलका काम आज ही पूर्ण करनेका प्रयत्न करते हैं। -परात्पर गुरु डॉ . जयंत आठवले(१९.१२.२०१४)