पति-पत्नी चाहे एक-दूसरेसे दूर हों या निकट एक-दूसरेको दुःख अथवा आनंद देना !
१. पत्नी निकट हो या दूर उसके कारण रक्तदाबका विकार हुआ ऐसा कहनेवाला पति !
एक बार एक पतिको रक्तदाबका (ब्लड प्रेशरका) विकार हुआ । तब वह पत्नीसे बोला, “तुम कलह करती हो; इसलिए मुझे रक्तदाबका विकार हुआ है । कार्यालयीन कार्यसे उसे अन्य स्थानपर ६ मास रहना पडा । वहां भी उसका रक्तदाबका विकार उतना ही अधिक था। पत्नीने दूरभाष कर पूछा, “अब मैं वहां कलह करनेके लिए नहीं हूं, तो आपका रक्तदाबका विकार कैसा है ?” उसपर पति बोला, “तुम अकेली हो, मुझे तुम्हारी चिंता है, इसलिए रक्तदाबका विकार हुआ है ।
२. पत्नी निकट हो या दूर, उससे आनंदकी प्राप्ति होती है ऐसा कहनेवाला पति !
एक पति अपनी पत्नीको सदैव कहता था कि वह उसके कारण आनंदी है । कार्यालयीन कार्यसे उसे दूसरे स्थानपर ६ मास रहना पडा । दूरभाषसे पत्नीको ज्ञात हुआ कि वह वहां भी आनंदमें है । पत्नीने दूरभाषकर पूछा कि वहां मैं नहीं हूं तब भी आप आनंदमें कैसे हैं ? इसपर पति बोला, “तुम्हारा स्मरण कर मैं आनंदित रहता हूं । (८.११.२०१३) – परात्पर गुरु परम पूज्य डॉ. जयंत आठवले