श्रीगुरु उवाच


चुनावके समय राजनीतिक पक्षोंके आश्वासनोंपर अवलम्बित मत रहो !

स्वतंत्रतासे आजतक राष्ट्र तथा धर्मके लिए कुछ भी न करनेवाले सभी राजनीतिक पक्ष आगे कुछ करेंगे, इस आश्वासनपर विश्वास करनेवाली तथा यह आश्वासन एक प्रकारकी लालच, ‘रिश्वत’ है, यह न समझनेवाली जनताके भविष्यमें कौटुम्बिक, आर्थिक, सामाजिक, राष्ट्रीय एवं धार्मिक इत्यादि सभी प्रकारकी अपरिमित हानि ही लिखी है । ऐसा न हो, इसलिए जनताको लालच देनेका प्रयास करनेवाले विविध राजनीतिक पक्षोंवाला लोकतंत्र नहीं, अपितु हिन्दू राष्ट्र आवश्यक है और उसके लिए साधना आवश्यक है !-परात्पर गुरु डॉ . जयंत आठवले (१.९.२०१३)



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