श्रीगुरु उवाच


धर्मशिक्षणका अभाव एवं आरक्षणके कारण हिन्दू नामशेष होनेके मार्गपर !

सङ्घे शक्तिः कलौ युगे । अर्थात् संगठित होना ही कलियुगकी शक्ति है, हिन्दू असंगठित हैं, इसलिए उनमें बल नहीं है; इसलिए अल्पसंख्यक प्रतिदिन उनपर अत्याचार करते हैं । हिन्दुओंके असंगठित होनेके निम्न कारण हैं ।

१. धर्मशिक्षणका अभाव : हिन्दुओंको धर्मशिक्षण नहीं है इस कारण उनमें धर्माभिमान नहीं एवं वे धर्मके लिए एकत्रित नहीं हो सकते ।

२. आरक्षण : आरक्षणके कारण हिन्दू अनेक जातियोंमें विभाजित हो गए हैं । इससे वे शक्तिहीन हो गए हैं ।

यही चलता रहा तो लगभग ५० वर्षोंमें अन्य धर्मीय हिन्दुओंको नामशेष कर देंगे ।  -परात्पर गुरु डॉ . जयंत आठवले(२०.८.२०१४)



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