श्रीगुरु उवाच


घर-परिवारका त्याग करनेवालोंके सम्बन्धमें यह समझ लें !
साधनाके लिए कुटुंबका त्याग करनेपर अनेक व्यक्ति टीका करते हैं कि उसे घरके सदस्योंके प्रति प्रेम नहीं है, उसने बडी चूक की है ।’ प्रत्यक्षमें कुटुंबका त्याग करनेवाला छोटा कुटुंब छोड विशाल कुटुंबसे एकरूप होता है । इससे उसकी प्रगति होती है; परन्तु साधककी साधनामें व्यवधान लानेके कारण टीका करनेवालोंको पाप लगता है । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले



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