हिन्दूद्रोही कांग्रेस एवं अन्य राजकीय पक्षोंद्वारा हिंदुओंको धर्मशिक्षण नहीं देना ही स्वतंत्रता पश्चात् देशमें सर्वत्र अपराधोंमें वृद्धिका मूल कारण है !
१. बलात्कारीयोंको दंड देनेसे उनके मनके विचार नहीं जाते, वैसा विचार ही मनमें ना आए, ऐसी नैतिकता एवं सात्त्विकता समाजमें निर्माण करना, यही बलात्कार टालनेका यथार्थमें उपाय है । अनेक बार दण्डित करनेके पश्चात् चोरके मनसे, चोरीका विचार भी नहीं जाता है; उसी प्रकार बलात्कार इत्यादि अपराधोंके सन्दर्भमें भी होता है । स्वतंत्रताके पश्चात् हिन्दूद्रोही कांग्रेस एवं अधिकतर सभी राजकीय पक्षोंद्वारा समाजके व्यक्तियोंको बाल्यावस्थासे धर्मशिक्षण न देनेका यह परिणाम है ।
२. हिन्दू राष्ट्रमें धर्म शिक्षण देनेसे अपराधोंका प्रमाण अल्प होगा ।
हिन्दू राष्ट्रमें विद्यालयीन जीवनसे धर्मशिक्षण दिया जाएगा एवं दूरदर्शनपर ५० प्रतिशत समय धर्मशिक्षण एवं ५० प्रतिशत समय सात्त्विक कार्यक्रमोंको दिया जायेगा । इससे नई पीढी एवं समाज सात्त्विक होगा एवं सभी प्रकारके अपराधोंका प्रमाण अल्प होगा । -परात्पर गुरु डॉ . जयंत आठवले (२४.४.२०१३)
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